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constitutional value

विधानसभा सत्र के पहले दिन माकपा का हल्ला बोल

राज्य विधानसभा सत्र के पहले दिन माकपा ने देहरादून में जमकर प्रदर्शन किया। समान नागरिक संहिता विधेयक पास करने के लिए यह सत्र बुलाया गया है। मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी ने आज 19 सूत्रीय मांग को लेकर आज राज्य विधानसभा पर जोरदार प्रदर्शन कर…

देहरादून पहुंची भगत सिंह जन अधिकार यात्रा

56 दिन पहले कर्नाटक के बैंगलुरु से शुरू हुई भगत सिंह जन अधिकार यात्रा आज यानी 3 फरवरी 2024 को देहरादून में थी। देश के विभिन्न हिस्सों के यात्री सुबह दून लाइब्रेरी पहुंचे। यहां से नारे लगाते हुए लैंसडौन चौक, कनक चौक, राजपुर रोड होकर गांधी…

गांधी के सपनों का भारत बनाने का संकल्प लिया

देहरादून में राष्ट्रपिता महात्मा गंाधी के शहादत दिवस पर जीतेगा भारत, हारेगी नफरत अभियान के तहत गांधी पार्क स्थिति बापू के प्रतिमा के पास सर्वधर्म प्रार्थना सभा का आयोजन किया गया और शहीर सम्मान मार्च निकाला गया। बाद में एक सभा का आयोजन किया…

भूखा-प्यासा रख नारी शक्ति का यह कैसा वंदन ?

इंद्रेश मैखुरी  “आजी जा दीदी तीं गाड़ी मा अगस्तमुनि का सैणा दिन भर भूखा भी रैना, पाणी बिन तिसैण्या” (और जा दीदी गाड़ी में बैठ कर उस अगस्त्यमुनि के मैदान, दिन भर भूखे भी रहे, प्यास से हलकान) एक स्थानीय लोकगायक के गढ़वाली गीत की इन…

भारत बनाया जा रहा तालिबानी देश

जीतेगा भारत हारेगी नफरत अभियान के तहत सामाजिक संगठनों और विपक्षी राजनीतिक दलों से देहरादून में गणतंत्र दिवस के मौके पर ‘संविधान बचाओ, देश बचाओ‘ यात्रा निकाली। बाबा साहेब अंबेडकर की प्रतिमा से शुरू हुई यह यात्रा गांधी पार्क तक पहुंची और…

त्रिलोचन भट्ट उम्मीद है आप राम मंदिर के प्राण प्रतिष्ठा समारोह के फारिग हो चुके होंगे। अब आगे क्या करना है, मुझे लगता है, इस पर बात करने की जरूरत है। राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा शंकराचार्यों की सलाह और संवैधानिक मूल्यों की अनदेखी कर…

एक था रोहित वेमुला

आठ साल पहले आज के दिन हैदराबाद सेंट्रल यूनिवर्सिटी पीएच. डी.छात्र रोहित वेमुला के सामने ऐसी स्थितियां बना दी गयी कि उनको प्राण गंवा देने पड़े. आज रोहित वेमुला को याद करते हुए उनका यह अंतिम पत्र है जरूर पढियेगा..... गुड मॉर्निंग, आप जब…

संविधान और मतदाताओं के बारे में

हिलाल अहमद आम चुनाव कौन जीतता है सिर्फ इसी का मायने नहीं है। प्रजातंत्र और सामाजिक न्याय के किन विचारों को गति मिलती है के मायने ज्यादा हैं। लोक सभा का 2024 निर्वाचन एक महत्वपूर्ण राजनैतिक आयोजन होने जा रहा है। एक दशक तक सरकार में रहने…

संसद में धुआं-धुआं: कैसे लग गई सुरक्षा में सेंध!

त्रिलोचन भट्ट तू इधर-उधर की बात न कर, ये बता कि काफिला क्यों लुटा? मुझे रहजनों से गिला नहीं, तिरी रहबरी का सवाल है। बहरों को सुनाने के लिए धमाके करने पड़ते हैं, यह बात अपनी जगह बिल्कुल दुरुस्त है। शहीदे आजम भगत सिंह ने भी ये बात कही…

संविधान दिवस: मजदूरों को तो कभी नागरिक माना ही नहीं

त्रिलोचन भट्ट आज संविधान दिवस है। आज ही के दिन, यानी 26 नवंबर 1949 को 26 नवंबर 1949 को संविधान सभा में भारत के संविधान को अंगीकृत किया गया था। संविधान की प्रस्तावना कहती है कि भारत के समस्त नागरिकों को सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक…